बच्चो को प्यार में पड़ना चाहिए या नहीं.?

 प्यार और संबंध व्यक्ति के व्यक्तिगत चयन पर आधारित होते हैं। इसलिए, छात्रों को किसी भी प्रकार के संबंध में पड़ने या नहीं पड़ने का निर्णय स्वयं करना चाहिए।
उससे पहले ये जरूर जान ले

1. आपके शिक्षार्थी जीवन के लक्ष्यों को ध्यान में रखें: यदि आपका मुख्य उद्देश्य अपने शिक्षार्थी जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति है, तो इसे ध्यान में रखें और उसे प्राथमिकता दें।

2. सामरिक और सामाजिक प्रभाव: संबंध में पड़ने से पहले, आपको यह ध्यान में रखना होगा कि क्या यह आपके अध्ययन और सामाजिक जीवन पर अवांछित प्रभाव डालेगा। अगर प्रभाव डाल रहा है तो आप संबंध न बनाएं , और अगर आपके पढ़ाई में प्राब्लम नही आ रहा तो कोई प्राब्लम नही है।

3. समय प्रबंधन: संबंध में पड़ने के साथ-साथ आपको अपने समय का प्रबंधन करने की आवश्यकता होगी। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने शैक्षिक गतिविधियों, साथ साथ संबंध को भी समय देना होगा। 

4. एक लक्ष्य चुने की आप आगे क्या करना चाहते है। आपको लाइफ में कई उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसमें बहुत से प्रॉब्लम्स भी है और नहीं भी। 

5. अगर आपकी पार्टनर आपके सैक्षणिक कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं कर रहा/रही तो आप आगे सोच सकते है।




Thankyou 

Post a Comment

0 Comments